12 June, 2026

The Four Humours in English Literature: Sanguine, Choleric, Melancholic & Phlegmatic Explained in Hindi

 अंग्रेजी साहित्य में चार ह्यूमर्स (The Four Humours)

प्रस्तावना

चार ह्यूमर्स (Four Humours) का सिद्धांत प्राचीन यूनानी चिकित्सा और दर्शन की सबसे प्रभावशाली अवधारणाओं में से एक है। सदियों तक इसने न केवल चिकित्सा विज्ञान बल्कि साहित्य, मनोविज्ञान और सामाजिक चिंतन को भी प्रभावित किया। इस सिद्धांत के अनुसार मानव शरीर में चार मूलभूत द्रव (Humours) होते हैं, जिनका संतुलन व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिति और स्वभाव को निर्धारित करता है।

इस सिद्धांत का विकास सबसे पहले यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स (460–370 ईसा पूर्व) ने किया था और बाद में रोमन चिकित्सक गैलेन (129–216 ईस्वी) ने इसे विस्तार दिया। पुनर्जागरण (Renaissance) और एलिज़ाबेथीय युग में यह सिद्धांत अत्यंत लोकप्रिय हुआ और इसने ज्योफ्री चौसर, विलियम शेक्सपियर, बेन जॉनसन, एडमंड स्पेंसर और जॉन मिल्टन जैसे अंग्रेजी साहित्यकारों को प्रभावित किया।

चार ह्यूमर्स निम्नलिखित हैं—

  1. रक्त (Blood) – सैंग्विन (Sanguine) स्वभाव
  2. पीला पित्त (Yellow Bile) – कोलेरिक (Choleric) स्वभाव
  3. काला पित्त (Black Bile) – मेलन्कोलिक (Melancholic) स्वभाव
  4. कफ (Phlegm) – फ्लेग्मैटिक (Phlegmatic) स्वभाव

इस सिद्धांत ने साहित्यकारों को मानव स्वभाव को समझने और यथार्थवादी पात्रों की रचना करने का आधार प्रदान किया। साहित्यिक पात्रों की भावनाएँ, क्रियाएँ और व्यक्तित्व अक्सर किसी एक ह्यूमर की प्रधानता से समझाए जाते थे।

चार ह्यूमर्स की उत्पत्ति

यह सिद्धांत प्राचीन यूनान में उत्पन्न हुआ और प्राकृतिक दर्शन (Natural Philosophy) से जुड़ा था। हिप्पोक्रेट्स के अनुसार मानव शरीर चार द्रवों से बना है, जो प्रकृति के चार तत्वों से संबंधित हैं।

ह्यूमर तत्व गुण
रक्त (Blood) वायु (Air) गर्म एवं आर्द्र
पीला पित्त (Yellow Bile) अग्नि (Fire) गर्म एवं शुष्क
काला पित्त (Black Bile) पृथ्वी (Earth) ठंडा एवं शुष्क
कफ (Phlegm) जल (Water) ठंडा एवं आर्द्र

इन ह्यूमर्स का संतुलन स्वास्थ्य का आधार माना जाता था। असंतुलन रोग, असामान्य व्यवहार और भावनात्मक अस्थिरता का कारण बनता था।

1. रक्त और सैंग्विन स्वभाव

विशेषताएँ

रक्त का संबंध वायु तत्व से था और इसे गर्म एवं आर्द्र माना जाता था। जिन व्यक्तियों में रक्त की प्रधानता होती थी, उन्हें सैंग्विन (Sanguine) कहा जाता था।

सैंग्विन व्यक्तित्व के गुण

  • प्रसन्नचित्त
  • आशावादी
  • ऊर्जावान
  • मिलनसार
  • रोमांटिक
  • मित्रवत
  • उत्साही
  • आनंदप्रिय

ऐसे लोग जीवन का आनंद लेते हैं और आसानी से मित्र बना लेते हैं।

अंग्रेजी साहित्य में सैंग्विन पात्र

चौसर के पात्र

The Canterbury Tales में Franklin सैंग्विन स्वभाव का उत्कृष्ट उदाहरण है। वह भोजन, मनोरंजन और सामाजिक मेल-जोल का प्रेमी है।

शेक्सपियर के पात्र

Mercutio (Romeo and Juliet) एक जीवंत, हास्यपूर्ण और उत्साही पात्र है।

Falstaff (Henry IV) भी सैंग्विन स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। वह हँसमुख, आनंदप्रिय और मिलनसार है।

साहित्यिक महत्व

सैंग्विन स्वभाव निम्न बातों का प्रतीक है—

  • आनंद
  • युवावस्था
  • जीवन्तता
  • आशावाद

2. पीला पित्त और कोलेरिक स्वभाव

विशेषताएँ

पीले पित्त का संबंध अग्नि तत्व से था। यह गर्म और शुष्क माना जाता था। इसकी प्रधानता वाले व्यक्तियों को कोलेरिक (Choleric) कहा जाता था।

कोलेरिक व्यक्तित्व के गुण

  • महत्वाकांक्षी
  • आक्रामक
  • दृढ़ निश्चयी
  • क्रोधी
  • ऊर्जावान
  • नेतृत्व क्षमता से युक्त
  • साहसी
  • अधीर

अंग्रेजी साहित्य में कोलेरिक पात्र

Hotspur

शेक्सपियर के Henry IV Part I का Hotspur कोलेरिक स्वभाव का आदर्श उदाहरण है। वह वीर, महत्वाकांक्षी और शीघ्र क्रोधित होने वाला है।

King Lear

King Lear में राजा लियर का अनियंत्रित क्रोध और आवेगपूर्ण निर्णय उसके कोलेरिक स्वभाव को दर्शाते हैं।

Othello

ओथेलो की तीव्र ईर्ष्या और भावनात्मक उग्रता भी कोलेरिक स्वभाव का उदाहरण है।

बेन जॉनसन और ह्यूमर सिद्धांत

Every Man in His Humour में बेन जॉनसन ने ऐसे पात्रों का चित्रण किया है जिनका व्यवहार किसी एक ह्यूमर की अधिकता से नियंत्रित होता है।

साहित्यिक महत्व

कोलेरिक स्वभाव का संबंध—

  • शक्ति
  • नेतृत्व
  • जुनून
  • संघर्ष

से है।

3. काला पित्त और मेलन्कोलिक स्वभाव

विशेषताएँ

काले पित्त का संबंध पृथ्वी तत्व से था। यह ठंडा और शुष्क माना जाता था। इसकी प्रधानता वाले व्यक्तियों को मेलन्कोलिक (Melancholic) कहा जाता था।

मेलन्कोलिक व्यक्तित्व के गुण

  • विचारशील
  • गंभीर
  • बौद्धिक
  • रचनात्मक
  • उदास
  • निराशावादी
  • चिंतनशील
  • संवेदनशील

अंग्रेजी साहित्य में मेलन्कोलिक पात्र

Hamlet

अंग्रेजी साहित्य का सबसे प्रसिद्ध मेलन्कोलिक पात्र Hamlet है।

उसकी प्रमुख विशेषताएँ—

  • गहन चिंतन
  • उदासी
  • दार्शनिक दृष्टिकोण
  • निर्णय लेने में कठिनाई
  • मानसिक पीड़ा

उसका प्रसिद्ध स्वगत कथन "To be or not to be" उसके चिंतनशील स्वभाव को दर्शाता है।

Jaques

As You Like It का Jaques जीवन के प्रति निराशावादी दृष्टिकोण रखता है और लगातार चिंतन करता रहता है।

Milton का Il Penseroso

इस कविता में मिल्टन ने एकांत, ध्यान, अध्ययन और रचनात्मक प्रेरणा का गुणगान किया है।

पुनर्जागरण काल में मेलन्कोली

पुनर्जागरण युग में मेलन्कोली को प्रतिभा और रचनात्मकता से जोड़ा गया। इसे अक्सर—

  • बुद्धिमत्ता
  • सृजनात्मकता
  • प्रतिभा
  • बौद्धिक गहराई

का प्रतीक माना गया।

साहित्यिक महत्व

मेलन्कोलिक स्वभाव का संबंध—

  • चिंतन
  • दर्शन
  • कल्पनाशीलता
  • मानवीय पीड़ा

से है।

4. कफ और फ्लेग्मैटिक स्वभाव

विशेषताएँ

कफ का संबंध जल तत्व से था। इसे ठंडा और आर्द्र माना जाता था। इसकी प्रधानता वाले व्यक्तियों को फ्लेग्मैटिक (Phlegmatic) कहा जाता था।

फ्लेग्मैटिक व्यक्तित्व के गुण

  • शांत
  • धैर्यवान
  • शांतिप्रिय
  • विश्वसनीय
  • धीमी गति से कार्य करने वाले
  • विचारशील
  • संयमी
  • भावनात्मक रूप से स्थिर

अंग्रेजी साहित्य में फ्लेग्मैटिक पात्र

Horatio

Hamlet का Horatio फ्लेग्मैटिक स्वभाव का उत्कृष्ट उदाहरण है। वह कठिन परिस्थितियों में भी शांत और तर्कसंगत बना रहता है।

साहित्यिक महत्व

फ्लेग्मैटिक स्वभाव निम्न गुणों का प्रतीक है—

  • स्थिरता
  • विवेक
  • धैर्य
  • विश्वसनीयता

बेन जॉनसन और Comedy of Humours

चार ह्यूमर्स की चर्चा बेन जॉनसन के बिना अधूरी है।

उन्होंने Comedy of Humours नामक नाट्य शैली का विकास किया।

परिभाषा

ऐसा नाटक जिसमें किसी पात्र का व्यवहार किसी एक विशेष ह्यूमर द्वारा नियंत्रित हो, Comedy of Humours कहलाता है।

प्रमुख कृतियाँ

  • Every Man in His Humour (1598)
  • Every Man Out of His Humour (1599)

जॉनसन ने इस सिद्धांत का उपयोग सामाजिक कमजोरियों और मानवीय मूर्खताओं पर व्यंग्य करने के लिए किया।

शेक्सपियर और चार ह्यूमर्स

शेक्सपियर ने अपने नाटकों में ह्यूमर सिद्धांत का व्यापक उपयोग किया।

  • Hamlet — Melancholic
  • Hotspur — Choleric
  • Falstaff — Sanguine
  • Horatio — Phlegmatic

इन विभिन्न स्वभावों के संयोजन से शेक्सपियर ने अत्यंत यथार्थवादी पात्रों की रचना की।

ह्यूमर सिद्धांत का पतन

वैज्ञानिक क्रांति के बाद चार ह्यूमर्स के सिद्धांत पर विश्वास कम होने लगा। शरीर रचना विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के विकास ने गैलेन की अवधारणाओं को चुनौती दी।

अठारहवीं शताब्दी तक यह सिद्धांत चिकित्सा क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गया, लेकिन साहित्य और भाषा में इसका प्रभाव बना रहा।

आज भी हम निम्न शब्दों का प्रयोग करते हैं—

  • Good-humoured
  • Bad-humoured
  • Melancholy
  • Phlegmatic
  • Sanguine Outlook

अंग्रेजी साहित्य में महत्व

चार ह्यूमर्स का सिद्धांत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि—

  1. इसने चरित्र-विश्लेषण की विधि प्रदान की।
  2. पुनर्जागरण कालीन मनोविज्ञान को प्रभावित किया।
  3. यथार्थवादी पात्रों की रचना में सहायता की।
  4. Comedy of Humours को जन्म दिया।
  5. साहित्य, दर्शन और चिकित्सा के बीच संबंध स्थापित किया।
  6. शेक्सपियर और बेन जॉनसन की चरित्र-निर्माण कला को प्रभावित किया।

निष्कर्ष

चार ह्यूमर्स का सिद्धांत अंग्रेजी साहित्य के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्राचीन यूनानी चिकित्सा से उत्पन्न यह सिद्धांत मानव व्यक्तित्व और व्यवहार को समझने का एक प्रभावशाली माध्यम बना। सैंग्विन, कोलेरिक, मेलन्कोलिक और फ्लेग्मैटिक—ये चारों स्वभाव साहित्यकारों को चरित्र-निर्माण और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के लिए एक समृद्ध आधार प्रदान करते हैं।

चौसर के जीवंत पात्रों से लेकर शेक्सपियर के त्रासद नायकों और बेन जॉनसन के हास्य पात्रों तक, इस सिद्धांत ने अंग्रेजी साहित्य को गहराई से प्रभावित किया। यद्यपि आधुनिक विज्ञान ने इसके चिकित्सकीय आधार को अस्वीकार कर दिया है, फिर भी साहित्यिक अध्ययन में इसका महत्व आज भी बना हुआ है। यह सिद्धांत पुनर्जागरण युग की बौद्धिक पृष्ठभूमि, चरित्र-चित्रण और मानव स्वभाव की जटिलताओं को समझने में अत्यंत सहायक है।



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