परिचय
ओथेलो विलियम शेक्सपियर का एक प्रसिद्ध त्रासदी नाटक है। यह प्रेम, विश्वासघात, ईर्ष्या और बदले की कहानी है। नाटक ओथेलो नामक एक मूर (अफ्रीकी) जनरल और उसके जीवन में घटने वाली दुखद घटनाओं पर आधारित है। कहानी में ईर्ष्या, नस्लवाद और धोखे जैसे विषयों को गहराई से प्रस्तुत किया गया है।
मुख्य पात्र
1. ओथेलो: एक मूर और वेनिस की सेना में जनरल।
2. डेस्डेमोना: ओथेलो की प्रेमपूर्ण और वफादार पत्नी।
3. इआगो: ओथेलो का एक चालाक और धोखेबाज सहायक।
4. कैसियो: ओथेलो का वफादार लेफ्टिनेंट।
5. एमिलिया: इआगो की पत्नी और डेस्डेमोना की सेविका।
6. रोडरिगो: एक अमीर व्यक्ति, जो डेस्डेमोना से प्यार करता है और इआगो द्वारा ठगा जाता है।
7. ब्राबैंशियो: डेस्डेमोना का पिता।
Summary of Othello by William Shakespeare in Hindi
अध्यायवार सारांश
अध्याय I: प्रारंभ
नाटक वेनिस में शुरू होता है, जहां इआगो और रोडरिगो ओथेलो के प्रति अपनी नफरत व्यक्त करते हैं। इआगो नाराज है क्योंकि ओथेलो ने उसे पदोन्नत नहीं किया। वे ब्राबैंशियो को बताते हैं कि उनकी बेटी डेस्डेमोना ने चुपके से ओथेलो से शादी कर ली है। ब्राबैंशियो ओथेलो का सामना करता है और जादू के माध्यम से डेस्डेमोना को फंसाने का आरोप लगाता है। ओथेलो अपनी सफाई में बताता है कि डेस्डेमोना ने उनकी बहादुरी और कहानियों से प्रभावित होकर उनसे प्रेम किया। ड्यूक ऑफ वेनिस ओथेलो का समर्थन करता है और उसे साइप्रस में तुर्की आक्रमण को रोकने के लिए भेजता है।
अध्याय II: साइप्रस में आगमन
साइप्रस में, तूफान तुर्की बेड़े को नष्ट कर देता है। ओथेलो और डेस्डेमोना खुशी से मिलते हैं। इस बीच, इआगो अपनी चालें शुरू करता है। वह रोडरिगो को कैसियो के खिलाफ भड़काता है। एक उत्सव के दौरान, इआगो कैसियो को शराब पिलाकर लड़ाई करने के लिए उकसाता है। इस घटना के बाद, ओथेलो कैसियो को पद से हटा देता है। इआगो कैसियो को सलाह देता है कि वह डेस्डेमोना से अपनी सिफारिश के लिए कहे।
अध्याय III: ईर्ष्या का बीज
इआगो ओथेलो के मन में डेस्डेमोना की वफादारी को लेकर शक पैदा करता है। वह संकेत देता है कि डेस्डेमोना का कैसियो के साथ संबंध है। इआगो डेस्डेमोना के कैसियो के लिए सिफारिश करने को उसकी बेवफाई का सबूत बताता है। इआगो डेस्डेमोना का रूमाल चुरा लेता है और उसे कैसियो के कमरे में रख देता है। यह रूमाल डेस्डेमोना के "विश्वासघात" का प्रतीक बन जाता है।
अध्याय IV: ओथेलो का गुस्सा बढ़ता है
ईर्ष्या से अंधा होकर, ओथेलो डेस्डेमोना पर पूरी तरह से भरोसा खो देता है। इआगो उसे और भड़काने के लिए कैसियो से एक झूठी बातचीत करवाता है। ओथेलो मान लेता है कि डेस्डेमोना बेवफा है और उसे मारने का फैसला करता है। वह डेस्डेमोना को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारता है, जिससे सभी चौंक जाते हैं।
अध्याय V: दुखद अंत
नाटक अपने चरम पर पहुंचता है जब ओथेलो डेस्डेमोना को बिस्तर पर गला घोंटकर मार देता है, जबकि वह अपनी मासूमियत की गुहार लगाती है। एमिलिया अपराध की सच्चाई उजागर करती है और इआगो की चालों का पर्दाफाश करती है। गुस्से में, इआगो एमिलिया को मार देता है लेकिन अंत में पकड़ लिया जाता है। अपराधबोध और निराशा से घिरे ओथेलो आत्महत्या कर लेता है। नाटक का अंत न्याय के साथ होता है, लेकिन इसकी कीमत कई जानों के रूप में चुकानी पड़ती है।
आलोचनात्मक विश्लेषण
मुख्य विषय
1. ईर्ष्या: ओथेलो का मुख्य विषय ईर्ष्या है, जो पूरी कहानी को आगे बढ़ाती है और ओथेलो के पतन का कारण बनती है।
2. धोखा और छल: इआगो का धोखा और चालाकी पूरे नाटक का केंद्र है।
3. नस्लवाद: ओथेलो का मूर होना उसे समाज में अलग बनाता है। उसकी नस्लीय पहचान उसकी असुरक्षा को बढ़ाती है।
4. प्रेम और विश्वासघात: ओथेलो और डेस्डेमोना के शुद्ध प्रेम को विश्वासघात और संदेह ने नष्ट कर दिया।
पात्रों का विश्लेषण
1. ओथेलो: एक त्रासदी नायक, ओथेलो बहादुर और महान है, लेकिन असुरक्षा और क्रोध उसकी कमजोरी है।
2. डेस्डेमोना: मासूमियत और वफादारी का प्रतीक, डेस्डेमोना का दुखद अंत ओथेलो की ईर्ष्या का परिणाम है।
3. इआगो: वह नाटक का खलनायक है, जिसकी चालाकी और धोखाधड़ी कहानी को त्रासदी में बदल देती है।
4. एमिलिया: सच्चाई का खुलासा करने में एमिलिया की भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रतीकात्मकता
1. रूमाल: यह प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, लेकिन इआगो इसे धोखे और ईर्ष्या का प्रतीक बना देता है।
2. प्रकाश और अंधकार: प्रकाश सच्चाई और मासूमियत का, जबकि अंधकार धोखे और बुराई का प्रतीक है।
निष्कर्ष
ओथेलो एक शक्तिशाली त्रासदी है, जो मानवीय भावनाओं और संबंधों की जटिलताओं को दर्शाती है। यह दिखाता है कि ईर्ष्या और धोखा कैसे प्यार और विश्वास को नष्ट कर सकते हैं। नाटक का दुखद अंत एक चेतावनी है कि असुरक्षा और गलत विश्वास के परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं। शेक्सपियर द्वारा रचित यह नाटक आज भी दर्शकों को प्रभावित करता है।






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