Showing posts with label Hindi Summary. Show all posts
Showing posts with label Hindi Summary. Show all posts

12 April, 2025

Justice by John Galsworthy – Act-wise Summary in Hindi

जस्टिस – जॉन गाल्सवर्दी द्वारा (एक्ट-वार सारांश)

परिचय:

"जस्टिस" ब्रिटिश नाटककार जॉन गाल्सवर्दी द्वारा लिखित एक सशक्त सामाजिक नाटक है, जिसे 1910 में लिखा गया था। यह नाटक न्याय प्रणाली की कठोरता और अमानवीयता की तीव्र आलोचना करता है। नाटक का मुख्य पात्र विलियम फाल्डर है, एक युवा क्लर्क, जो एक दुखी महिला की मदद करने के लिए एक चेक में हेराफेरी करता है और इसी एक गलती के कारण उसकी ज़िंदगी पूरी तरह बर्बाद हो जाती है। यह नाटक पांच अंकों में बँटा हुआ है, और प्रत्येक अंक ब्रिटिश न्याय प्रणाली के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है – कानून, समाज और नैतिकता के बीच के टकराव को।


अंक 1: जेम्स और वॉल्टर हाउ का कार्यालय

1910 British law office interior with a young clerk, William Falder, writing at a desk amidst stacks of papers and wooden furniture.
कहानी की शुरुआत एक वकील फर्म "जेम्स एंड वॉल्टर हाउ" के कार्यालय में होती है, जहाँ विलियम फाल्डर एक कनिष्ठ क्लर्क के रूप में काम करता है। साथ में रॉबर्ट कोक्सन, एक वृद्ध लेकिन दयालु प्रमुख क्लर्क भी हैं, जो पुराने विचारों के हैं लेकिन भावनात्मक रूप से सहानुभूतिपूर्ण व्यक्ति हैं।

यहाँ रुथ हनीविल का प्रवेश होता है – एक विवाहित महिला जो फाल्डर से प्रेम करती है। रुथ बताती है कि उसका पति हिंसक और निर्दयी है और वह उससे बचकर अपने बच्चों के साथ एक नई ज़िंदगी शुरू करना चाहती है। फाल्डर, उसकी मदद के लिए बेचैन होकर, फर्म की चेकबुक में छेड़छाड़ करता है – वह नौ पाउंड की राशि को बदलकर नब्बे पाउंड कर देता है और चेक को नकद करवाकर रुथ के साथ भागने की योजना बनाता है।

हालांकि यह जालसाज़ी जल्दी ही पकड़ी जाती है और जब फाल्डर से पूछा जाता है, तो वह टूट जाता है और अपना अपराध स्वीकार कर लेता है। वॉल्टर हाउ उसके इरादों को समझते हैं और सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उनके चाचा जेम्स हाउ कानून के कठोर पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं और मुकदमा चलाने पर अड़े रहते हैं।

मुख्य विषय:

  • कानून बनाम नैतिकता का संघर्ष

  • मजबूरी में अपराध

  • संवेदनहीन न्याय प्रणाली

  • व्यक्ति बनाम संस्था


अंक 2: अदालत का दृश्य


दूसरा अंक कोर्टरूम में स्थित है, जहाँ फाल्डर पर जालसाज़ी का मुकदमा चल रहा है। यह दृश्य गंभीर, औपचारिक और नीरस

A tense British courtroom in 1910, where William Falder stands in the dock facing trial, with the judge, jury, and lawyers present.

वातावरण को दर्शाता है, जो कानून की कठोरता को उजागर करता है।

बचाव पक्ष यह साबित करने की कोशिश करता है कि फाल्डर ने यह कार्य लोभ में नहीं, बल्कि रुथ की मदद करने की नीयत से किया। रुथ की गवाही से यह स्पष्ट होता है कि फाल्डर का उद्देश्य मानवीय था।

हालांकि, अभियोजन पक्ष केवल कानूनी तथ्य पर ज़ोर देता है – कानून का उल्लंघन हुआ है, इसलिए अपराध सिद्ध है, चाहे कारण कुछ भी हो। जज भी कहता है कि व्यक्तिगत परिस्थितियाँ कानून के तहत अपराध को वैध नहीं बना सकतीं।

अंततः फाल्डर को तीन साल की सजा दी जाती है। रुथ टूट जाती है, और फाल्डर को जेल भेज दिया जाता है।

मुख्य विषय:

  • कानून की कठोरता

  • भावनाओं की अनदेखी

  • अपराध बनाम उद्देश्य

  • न्याय प्रक्रिया की क्रूरता


अंक 3: जेल

A gloomy British prison cell in 1910 with William Falder sitting alone on a bed, visibly distressed and broken.
तीसरे अंक में कहानी जेल के भीतर पहुंचती है, जहाँ फाल्डर सज़ा काट रहा है। जेल का वातावरण निराशाजनक, कठोर और अमानवीय है। फाल्डर अकेलेपन, अनुशासन और मानसिक यातना से टूटने लगता है।

जेल अधीक्षक और कर्मचारी केवल नियमों के पालन पर ज़ोर देते हैं। फाल्डर के पत्र रोके जाते हैं, भावनाओं की अभिव्यक्ति पर रोक होती है। धीरे-धीरे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगता है और उसे अकेले कोठरी (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) में डाल दिया जाता है।

कोक्सन, जो फर्म में मुख्य क्लर्क थे, उससे मिलने जेल आते हैं और दुख जताते हैं, लेकिन वे भी व्यवस्था के आगे असहाय हैं।

मुख्य विषय:

  • जेल प्रणाली की अमानवीयता

  • मानसिक पीड़ा और अकेलापन

  • पुनर्वास की विफलता

  • मनुष्य को 'कैदी संख्या' बना देने की प्रवृत्ति


अंक 4: परिवीक्षा समिति की बैठक

चौथा अंक उस समय को दिखाता है जब फाल्डर सजा काटने के बाद परिवीक्षा समिति (प्रोबेशन बोर्ड) के सामने पेश होता है। वह समाज में दोबारा प्रवेश करने की कोशिश करता है।

फाल्डर अब मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका है। वह अपराध के लिए पछताता है, लेकिन समाज उसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। वॉल्टर हाउ उसका समर्थन करते हैं, लेकिन अन्य लोग उसे एक अपराधी के रूप में देखते हैं।

अंततः उसे औपचारिक रूप से समाज में लौटने की अनुमति दी जाती है, लेकिन यह केवल प्रक्रिया भर लगती है – असल में समाज उसे नहीं अपनाता।

मुख्य विषय:

  • अपराधी को दूसरा मौका देने में समाज की हिचक

  • पुनर्स्थापन की असफलता

  • समाज का पूर्वाग्रह

  • दोषी ठहराया जाना सज़ा से परे


अंक 5: दुखद अंत

अंतिम अंक अत्यंत मार्मिक और दुखद है। फाल्डर अब जेल से बाहर है, लेकिन उसकी ज़िंदगी निरंतर अस्वीकृति और अकेलेपन से घिरी हुई है। हर जगह उसे नकारा जाता है – नौकरी, समाज, और यहाँ तक कि रुथ भी अब उससे नहीं जुड़ पाती।

वह गहरे अवसाद और मानसिक पीड़ा से घिरा रहता है। उसे लगता है कि कोई उसका पीछा कर रहा है, कि वह कभी अपनी पिछली ज़िंदगी से मुक्त नहीं हो पाएगा।

आख़िरकार, वह सीढ़ियों से कूदकर आत्महत्या कर लेता है। यह एक करुण दृश्य है जो दर्शाता है कि समाज न केवल अपराध को सज़ा देता है, बल्कि अपराधी को जीवनभर के लिए बहिष्कृत कर देता है।

कोक्सन दुखी होकर सोचते हैं कि हमने एक इंसान को खो दिया – सिर्फ इसलिए क्योंकि हमारे कानून में दया नहीं है।

मुख्य विषय:

  • सामाजिक बहिष्कार और मानसिक दबाव

  • आत्महत्या के पीछे की सामाजिक ज़िम्मेदारी

  • क्षमा और पुनः अवसर का अभाव

  • मानवता बनाम प्रणाली


निष्कर्ष:

जॉन गाल्सवर्दी का नाटक जस्टिस केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, यह एक करुणापूर्ण चीख़ है – एक ऐसी व्यवस्था के खिलाफ जो केवल कानून के शब्दों को मानती है, लेकिन इंसानियत की भावना को नजरअंदाज कर देती है।

विलियम फाल्डर का अपराध उसकी परिस्थिति की उपज था, न कि कोई आपराधिक मनोवृत्ति। लेकिन व्यवस्था ने उसे अपराधी घोषित कर उसकी आत्मा को मार डाला। इस नाटक में गाल्सवर्दी यह सवाल उठाते हैं कि – क्या न्याय केवल सज़ा देना है, या किसी को सुधारने और समझने की प्रक्रिया भी है?

यह नाटक आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उस दौर में था। "जस्टिस" हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारा न्याय वास्तव में न्यायपूर्ण है?


05 April, 2025

The Silver Box by John Galsworthy story in hindi

परिचय: जॉन गॉल्सवर्दी का नाटक द सिल्वर बॉक्स (1906) एक सशक्त सामाजिक नाटक है जो न्याय, वर्ग भेद और नैतिकता जैसे विषयों की पड़ताल करता है। यह नाटक ब्रिटिश न्याय प्रणाली की दोहरापन को उजागर करता है, यह दिखाते हुए कि कैसे धन और विशेषाधिकार उच्च वर्ग को सुरक्षा प्रदान करते हैं, जबकि श्रमिक वर्ग को समान अपराधों के लिए कड़ी सज़ा का सामना करना पड़ता है। गॉल्सवर्दी यथार्थवादी संवादों और पात्रों के बीच तीव्र विरोधाभास का उपयोग करके समाज में व्याप्त असमानताओं को दर्शाते हैं। शीर्षक में उल्लिखित चाँदी का सिगरेट बॉक्स वह वस्तु है जो दो सामाजिक वर्गों के व्यक्तियों द्वारा किए गए अपराधों को आपस में जोड़ता है। तीन अंकों में विभाजित यह नाटक न्याय, विशेषाधिकार और मानव स्वभाव से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।

अंक I का सारांश: नाटक की शुरुआत जॉन बार्थविक के सुसज्जित ड्रॉइंग रूम में होती है, जो एक सम्मानित उदारवादी संसद सदस्य हैं। बार्थविक को आत्म-अभिमानी और कुछ हद तक पाखंडी व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है जो अपनी नैतिक श्रेष्ठता पर गर्व करता है। उसका बेटा जैक बार्थविक देर रात नशे की हालत में घर लौटता है। अनजाने में, वह एक बार से एक महिला का पर्स ले आता है। जैक का इस कार्य के प्रति लापरवाह रवैया उसके विशेषाधिकार प्राप्त स्थान को उजागर करता है—वह मानता है कि उसका सामाजिक दर्जा उसे किसी भी परिणाम से बचा लेगा।

इसके विपरीत, हम जोन्स से मिलते हैं, जो एक गरीब और संघर्षरत व्यक्ति है जिसकी पत्नी, श्रीमती जोन्स, बार्थविक परिवार के यहाँ सफाई का काम करती है। जब जोन्स अपनी पत्नी को लेने आता है, तो वह जैक को नशे में देखता है और उसकी मदद करता है। जैक का पर्स मेज पर पड़ा देखकर वह आवेगवश उसे और एक चाँदी का सिगरेट बॉक्स उठा लेता है। उसका यह निर्णय दुर्भावना से नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी से प्रेरित होता है। यह मामूली सा प्रतीत होने वाला चोरी का कृत्य नाटक की नैतिक जटिलताओं की नींव रखता है।

अंक II का सारांश: दूसरा अंक जोन्स के साधारण से घर में होता है, जो बार्थविक परिवार की भव्यता से पूर्णतः विपरीत है। श्रीमती जोन्स तब स्तब्ध रह जाती हैं जब उन्हें पता चलता है कि उनके पति ने चाँदी का बॉक्स चुरा लिया है और वे उसे लौटाने के लिए कहती हैं। लेकिन इससे पहले कि जोन्स कुछ कर पाता, जासूस उनके घर पहुँच जाते हैं। जैक बार्थविक के खोए हुए पर्स की रिपोर्ट की गई होती है और पुलिस जल्द ही जोन्स के पास से वह पर्स और बॉक्स बरामद कर लेती है।

उधर बार्थविक परिवार, खासकर मिस्टर बार्थविक, इस चोरी के मामले को दबाने की कोशिश करते हैं ताकि जैक की करतूत से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। वे अपने बेटे को जवाबदेह ठहराने के बजाय जोन्स पर मुकदमा चलाने पर जोर देते हैं। यह पाखंड नाटक की मुख्य थीम को रेखांकित करता है: कि न्याय प्रणाली नैतिकता के बजाय अमीरों के हितों की रक्षा करती है।

जोन्स जब गिरफ्तार होता है, तो वह तर्क देता है कि वह जैक बार्थविक से ज़्यादा दोषी नहीं है। उसका यह कथन उस स्थिति की असमानता को उजागर करता है, जहाँ जैक को कोई सज़ा नहीं मिलती जबकि जोन्स को अपराधी माना जाता है।

अंक III का सारांश: अंतिम अंक मजिस्ट्रेट की अदालत में होता है, जहाँ जोन्स के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होती है। यह दृश्य न्याय प्रणाली की पूर्वाग्रहपूर्ण प्रकृति को उजागर करता है। जैक बार्थविक, जिसने स्वयं चोरी की थी, पर कोई आरोप नहीं लगता, जबकि जोन्स के साथ कठोर और असंवेदनशील व्यवहार होता है। उसका यह दावा कि उसने केवल मजबूरी में वस्तुएँ ली थीं, अदालत में अनसुना रह जाता है।

श्रीमती जोन्स अदालत में अपने पति का बचाव करती हैं और उनके गरीबी और संघर्षों का हवाला देती हैं। लेकिन न्यायाधीश, जो कठोर और उदासीन व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है, प्रभावित नहीं होता। जोन्स को दोषी ठहराकर एक महीने की कैद की सजा दी जाती है। यह फैसला सामाजिक पाखंड पर तीखी टिप्पणी है—जैक, जिसका अपराध उतना ही गंभीर था, अपने पिता के प्रभाव और धन के चलते मुक्त हो जाता है, जबकि जोन्स को कड़ी सजा मिलती है।

नाटक के अंत में, गॉल्सवर्दी दर्शकों को न्याय में असमानता पर विचार करने को प्रेरित करते हैं। दोनों मामलों के बीच विरोधाभास स्पष्ट है, और दर्शक सोचने पर मजबूर होते हैं कि क्या वह व्यवस्था वास्तव में न्यायपूर्ण है जो अमीरों को माफ़ कर देती है और गरीबों को दंडित करती है।

निष्कर्ष: द सिल्वर बॉक्स ब्रिटिश न्याय व्यवस्था और वर्ग संरचना की एक शक्तिशाली आलोचना है। जैक बार्थविक और जोन्स के समानांतर अपराधों के माध्यम से, गॉल्सवर्दी न्याय की दोहरी नीतियों को उजागर करते हैं, जहाँ विशेषाधिकार अपराध से बचाव सुनिश्चित करते हैं जबकि गरीबी सज़ा का कारण बनती है। नाटक की यथार्थता और सामाजिक टिप्पणी इसे एक कालातीत रचना बनाती है, जो आज भी प्रासंगिक है। गॉल्सवर्दी का संदेश स्पष्ट है: समाज में व्यावहारिक न्याय अक्सर एक भ्रम है, जो सत्ता और वर्ग के हितों से विकृत होता है। यह नाटक दर्शकों को सामाजिक असमानता और उस पक्षपाती व्यवस्था के नैतिक पतन से रूबरू कराता है जो स्वयं को न्यायप्रिय मानती है। 

17 March, 2025

The Phoenix and the Turtle हिंदी में

The Phoenix and the Turtle हिंदी में

A captivating poster inspired by William Shakespeare's poem The Phoenix and the Turtle, featuring a regal Phoenix rising from flames and a sorrowful Turtle Dove, symbolizing eternal love, sacrifice, and transcendence. The background has a mystical, celestial aura with deep blues, purples, and golds, creating an enigmatic and solemn atmosphere."


 फीनिक्स और कछुआ विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखित उनकी सबसे रहस्यमय और प्रतीकात्मक कविताओं में से एक है, जो प्रेम, एकता, बलिदान और आध्यात्मिकता के विषयों को समाहित करती है। यह कविता लगभग 1601 में लिखी गई थी और इसे एक आदर्श लेकिन विनाशकारी प्रेम की उपमा के रूप में देखा जाता है। इसमें पौराणिक फीनिक्स और कछुआ पक्षी का उपयोग दो प्रेमियों के रूप में किया गया है, जिनकी एकता इतनी गहरी है कि यह तर्क और व्यक्तिगत अस्तित्व को भी चुनौती देती है। यह कविता उनके दुखद अंत का शोक मनाती है, उनकी अद्वितीय भक्ति और आध्यात्मिक शुद्धता को उजागर करती है। नीचे इस कविता का विस्तृत सारांश दिया गया है।

परिचय: शोकगीत के लिए पक्षियों का आह्वान

कविता की शुरुआत एक आह्वान से होती है, जिसमें “सबसे मधुर स्वर वाले पक्षी” को बुलाया जाता है ताकि वह फीनिक्स और कछुए की याद में एक दुखद गीत गाए। इस पक्षी को अक्सर हंस माना जाता है, जिसे इस शोकपूर्ण समाचार की घोषणा करने के लिए बुलाया गया है।

हालांकि, कवि कुछ अशुभ पक्षियों, विशेष रूप से “भयावह भविष्यवक्ता” (संभवतः कौवा या उल्लू) को इस समारोह से दूर रहने की चेतावनी देता है, ताकि उनकी उपस्थिति इस पवित्र शोक को दूषित न कर दे। यह भाग कविता के गंभीर और पवित्र स्वर को स्थापित करता है, प्रेमियों के विशेष संबंध और उनके दुखद भाग्य को दर्शाता है।

क्रूर पक्षियों का बहिष्कार

शेक्सपियर शोक समारोह की विशिष्टता को और अधिक स्पष्ट करते हैं, विशेष रूप से उन शिकारी पक्षियों को प्रतिबंधित करके जिनके पंख “क्रूर” हैं। केवल हंस को इस शोक समारोह में भाग लेने की अनुमति है, और साथ ही बाज, जो पक्षियों का राजा है और शक्ति एवं महानता का प्रतीक है। यह प्रतिबंध दर्शाता है कि केवल पवित्र और गरिमामयी प्राणी ही फीनिक्स और कछुआ के संपूर्ण प्रेम का सम्मान करने योग्य हैं।

पुजारी और हंस के अंतिम गीत का परिचय

एक पुजारी, जो सफेद वस्त्र पहने होता है (जो पवित्रता का प्रतीक है), इस अनुष्ठान का नेतृत्व करता है। हंस, जिसे अपनी मृत्यु से पहले सुंदर गीत गाने वाला माना जाता है, इस समारोह को और अधिक श्रद्धेय बनाता है। यह प्रेम केवल भौतिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक भी था।

फीनिक्स और कछुए का परिपूर्ण प्रेम

कविता का केंद्रीय भाग फीनिक्स और कछुए के अद्भुत प्रेम का वर्णन करता है। उनका प्रेम इतना परिपूर्ण था कि वे दो अलग-अलग प्राणी होते हुए भी एक अस्तित्व में समाहित थे। शेक्सपियर उनके मिलन के इस विरोधाभास को उजागर करते हैं: वे अलग थे, फिर भी अविभाज्य थे।

उनका प्रेम तर्क से परे था, जो दो आत्माओं को एक अस्तित्व में समाहित कर देता था। यह विचार पुनर्जागरणकालीन नियोप्लाटोनिक दर्शन से प्रेरित है, जिसमें प्रेम को एक आध्यात्मिक शक्ति माना जाता है जो आत्माओं को शाश्वत रूप से जोड़ती है।

21 January, 2025

Summary of Othello by William Shakespeare in Hindi

 शेक्सपियर के नाटक 'ओथेलो' का सारांश

"A bold and cinematic poster for Shakespeare’s Othello. Othello stands in the center, wearing Venetian military attire, his expression filled with anguish. Behind him, Iago lurks in the shadows with a sinister smirk, symbolizing his deceitful nature. Desdemona, softly illuminated, stands apart, unaware of the impending tragedy. A blood-stained handkerchief drapes over the title Othello, emphasizing themes of betrayal. The background features a stormy sky over Cyprus, reflecting the play’s turmoil. The typography is dramatic, with gold-embossed letters spelling ‘Othello’ and the tagline: ‘Love. Jealousy. Betrayal.’"


परिचय

ओथेलो विलियम शेक्सपियर का एक प्रसिद्ध त्रासदी नाटक है। यह प्रेम, विश्वासघात, ईर्ष्या और बदले की कहानी है। नाटक ओथेलो नामक एक मूर (अफ्रीकी) जनरल और उसके जीवन में घटने वाली दुखद घटनाओं पर आधारित है। कहानी में ईर्ष्या, नस्लवाद और धोखे जैसे विषयों को गहराई से प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य पात्र


1. ओथेलो: एक मूर और वेनिस की सेना में जनरल।


2. डेस्डेमोना: ओथेलो की प्रेमपूर्ण और वफादार पत्नी।


3. इआगो: ओथेलो का एक चालाक और धोखेबाज सहायक।


4. कैसियो: ओथेलो का वफादार लेफ्टिनेंट।


5. एमिलिया: इआगो की पत्नी और डेस्डेमोना की सेविका।


6. रोडरिगो: एक अमीर व्यक्ति, जो डेस्डेमोना से प्यार करता है और इआगो द्वारा ठगा जाता है।


7. ब्राबैंशियो: डेस्डेमोना का पिता।

20 January, 2025

Summary of William Shakespeare's Play Hamlet in Hindi (शेक्सपीयर के नाटक हैमलेट का सारांश)

 शेक्सपीयर के नाटक हैमलेट का सारांश
"A dramatic poster for William Shakespeare’s Hamlet, featuring Hamlet holding a skull in deep contemplation. A dark, misty castle looms in the background, with the ghostly figure of King Hamlet hovering ominously. The gothic atmosphere is enhanced by deep blacks, blues, and crimson tones, symbolizing fate, revenge, and tragedy."


परिचय

हैमलेट, विलियम शेक्सपीयर द्वारा लिखी गई सबसे प्रसिद्ध त्रासदियों में से एक है। यह नाटक बदले, विश्वासघात, पागलपन और मृत्यु जैसे विषयों की खोज करता है। यह डेनमार्क के राजकुमार हैमलेट की कहानी है, जो अपने चाचा, राजा क्लॉडियस से अपने पिता की हत्या का बदला लेना चाहता है। नाटक हैमलेट के आंतरिक संघर्षों और जीवन तथा नैतिकता से जुड़े सवालों को भी उजागर करता है।


कथानक का सारांश

अंक I: भूत का रहस्योद्घाटन

"A ghostly King Hamlet appears in the dark, speaking to Prince Hamlet in a medieval castle."
नाटक की शुरुआत डेनमार्क के एलसिनोर किले में होती है। पहरेदारों को मृत राजा हैमलेट का भूत दिखाई देता है। वे हैमलेट के मित्र होरेशियो को बताते हैं, जो राजकुमार को इसकी जानकारी देता है। इस बीच, राजा क्लॉडियस, मृत राजा का भाई, रानी गर्ट्रूड से शादी कर लेता है और सिंहासन पर बैठता है।

राजकुमार हैमलेट अपने पिता की मृत्यु और अपनी मां की शीघ्र पुनर्विवाह से बेहद दुखी है। जब वह अपने पिता के भूत से मिलता है, तो भूत बताता है कि क्लॉडियस ने उसके कान में ज़हर डालकर उसकी हत्या की थी। भूत हैमलेट से बदला लेने का आग्रह करता है। हैमलेट बदला लेने का वादा करता है, लेकिन सतर्क रहने और क्लॉडियस पर नज़र रखने के लिए पागल होने का नाटक करने का फैसला करता है।


अंक II: हैमलेट का अजीब व्यवहार

"Prince Hamlet, dressed in dark robes, pretends to be mad while speaking to Polonius in a grand hall."
हैमलेट का अजीब व्यवहार उसके आस-पास के लोगों को चिंतित करता है। क्लॉडियस और गर्ट्रूड हैमलेट के बचपन के दोस्तों, रोसेनक्रांट्ज़ और गिल्डनस्टर्न को उसे जासूसी करने के लिए बुलाते हैं। पोलोनियस, राजा का सलाहकार, सोचता है कि हैमलेट पागल है क्योंकि उसकी बेटी ओफेलिया ने हैमलेट के प्रेम को अस्वीकार कर दिया है। पोलोनियस यह सिद्धांत राजा और रानी को बताता है।


हालांकि, हैमलेट सचमुच पागल नहीं है। वह क्लॉडियस के अपराध को साबित करने के लिए एक योजना बनाता है। वह एक समूह से ऐसा नाटक करने को कहता है, जो उसके पिता की हत्या की घटना को दर्शाए। हैमलेट को विश्वास है कि नाटक पर क्लॉडियस की प्रतिक्रिया उसके अपराध को उजागर करेगी।


अंक III: नाटक में नाटक

"Hamlet confronts Queen Gertrude in her chamber, while Polonius hides behind a curtain before being stabbed."
अभिनेता नाटक करते हैं, और क्लॉडियस अपराधबोध और घबराहट के साथ प्रतिक्रिया करता है, जिससे उसका अपराध साबित हो जाता है। हैमलेट अपनी मां से उसके कक्ष में मिलता है और गलती से पर्दे के पीछे छिपे पोलोनियस को मार देता है। हैमलेट ने सोचा था कि वह क्लॉडियस है।


मृत राजा का भूत फिर से प्रकट होता है और हैमलेट को उसके मिशन की याद दिलाता है। गर्ट्रूड भूत को नहीं देख पाती और मानती है कि हैमलेट पागल है।




अंक IV: ओफेलिया की पागलपन और हैमलेट का निर्वासन

"Ophelia, in a white dress, stands near a riverbank with flowers in hand, lost in madness before drowning."
पोलोनियस की मौत के बाद, क्लॉडियस हैमलेट को इंग्लैंड भेज देता है और गुप्त रूप से उसे वहां मरवाने की योजना बनाता है। इस बीच, ओफेलिया अपने पिता की मौत और हैमलेट के व्यवहार से दुखी होकर पागल हो जाती है। ओफेलिया का भाई लेयर्टीज़ डेनमार्क लौटता है और अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। क्लॉडियस लेयर्टीज़ को भड़काकर हैमलेट के खिलाफ कर देता है।


हैमलेट इंग्लैंड जाने वाले जहाज से भागकर डेनमार्क लौट आता है।




अंक V: दुखद अंत

"Hamlet and Laertes duel in an opulent royal hall as Queen Gertrude drinks the poisoned wine."
ओफेलिया नदी में डूबकर मर जाती है, जो संभवतः आत्महत्या थी। उसके अंतिम संस्कार में, हैमलेट और लेयर्टीज़ बहस और लड़ाई करते हैं। क्लॉडियस और लेयर्टीज़ हैमलेट को मारने की योजना बनाते हैं। लेयर्टीज़ जहर लगी तलवार का उपयोग करता है, और क्लॉ

रण के दौरान लेयर्टीज़ हैमलेट को जहरीली तलवार से घायल कर देता है, लेकिन हैमलेट भी लेयर्टीज़ को उसी तलवार से घायल कर देता है। इसी बीच रानी गर्ट्रूड गलती से जहरीली शराब पी लेती है, जो क्लॉडियस ने हैमलेट के लिए तैयार की थी, और उसकी मृत्यु हो जाती है।


मरने से पहले, लेयर्टीज़ क्लॉडियस की साजिश का खुलासा करता है। यह सुनकर हैमलेट क्रोधित हो जाता है और क्लॉडियस को मार देता है। हैमलेट, जो अब खुद भी जहर के कारण मरने वाला है, अपनी आखिरी सांस में नॉर्वे के राजकुमार फोर्टिनब्रास को डेनमार्क का नया शासक घोषित करता है।


नाटक का अंत एक दुखद दृश्य के साथ होता है, जिसमें लगभग सभी मुख्य पात्र मारे जाते हैं।