परिचय
विलियम शेक्सपियर का नाटक मैकबेथ एक त्रासदी है जो महत्वाकांक्षा, शक्ति की लालसा और नैतिक पतन को दर्शाती है। यह नाटक स्कॉटलैंड के एक महान योद्धा, मैकबेथ, की कहानी है, जो एक भविष्यवाणी और अपनी पत्नी लेडी मैकबेथ के दबाव में आकर राजा बनने के लिए अपराध करता है।
मुख्य पात्र (Main Characters)
1. मैकबेथ - एक बहादुर योद्धा और स्कॉटलैंड का राजा।
2. लेडी मैकबेथ - मैकबेथ की पत्नी, जो महत्वाकांक्षी और चालाक है।
3. डंकन - स्कॉटलैंड का राजा।
4. बैंको - मैकबेथ का मित्र और सच्चा योद्धा।
5. मैकडफ - एक स्वाभिमानी योद्धा जो अंत में मैकबेथ को हराता है।
6. डंकन के पुत्र (मैल्कम और डोनलबेन) - राजा डंकन के बेटे।
7. तीन चुड़ैलें (Three Witches) - कहानी की भविष्यवाणी करने वाली रहस्यमयी महिलाएँ।
कहानी का सारांश (Summary of the Play)
पहला अंक
कहानी की शुरुआत स्कॉटलैंड के युद्ध के मैदान से होती है। मैकबेथ और उसके मित्र बैंको ने दुश्मनों को हराया है। तीन चुड़ैलें मैकबेथ से मिलती हैं और भविष्यवाणी करती हैं कि वह "थैन ऑफ ग्लैमिस," "थैन ऑफ काउडर," और अंततः "स्कॉटलैंड का राजा" बनेगा। वे बैंको के वंशजों के राजा बनने की भी भविष्यवाणी करती हैं।
दूसरा अंक
राजा डंकन, मैकबेथ के पराक्रम से प्रभावित होकर, उसे "थैन ऑफ काउडर" की उपाधि देता है। मैकबेथ, जो चुड़ैलों की भविष्यवाणी पर विश्वास करने लगता है, राजा बनने की योजना बनाता है। उसकी पत्नी, लेडी मैकबेथ, उसे राजा डंकन की हत्या करने के लिए उकसाती है।
तीसरा अंक
मैकबेथ राजा डंकन की हत्या कर देता है और स्कॉटलैंड का राजा बन जाता है। लेकिन उसके दिल में अपराधबोध और डर घर कर जाता है। बैंको और उसकी संतानें उसके लिए खतरा बन जाती हैं, और वह बैंको की हत्या का आदेश देता है। हालांकि, बैंको का बेटा फ्लीयांस बच जाता है।
चौथा अंक
मैकबेथ और अधिक निर्दयी बन जाता है। तीन चुड़ैलें उसे नई भविष्यवाणियाँ देती हैं: उसे कोई "महिला द्वारा जन्मा" व्यक्ति नहीं मार सकता, और वह तब तक सुरक्षित है जब तक "बिर्नम वुड" उसके किले तक नहीं पहुंचता। इन भविष्यवाणियों से वह आत्मविश्वास से भर जाता है।
पाँचवाँ अंक
लेडी मैकबेथ अपने अपराधबोध से पागल हो जाती है और आत्महत्या कर लेती है। मैकडफ और मैल्कम, बिर्नम वुड के सैनिकों के साथ, मैकबेथ पर हमला करते हैं। मैकडफ, जिसे "महिला द्वारा प्राकृतिक जन्म" नहीं हुआ (क्योंकि वह सिजेरियन सेक्शन से पैदा हुआ था), मैकबेथ को मार देता है। अंत में, मैल्कम राजा बनता है और शांति स्थापित होती है।
मुख्य विषय (Themes)
1. महत्वाकांक्षा (Ambition): मैकबेथ और लेडी मैकबेथ की अत्यधिक महत्वाकांक्षा उन्हें विनाश की ओर ले जाती है।
2. नैतिक पतन (Moral Corruption): अपराध और धोखे के परिणामस्वरूप नैतिक पतन और अंततः विनाश होता है।
3. भाग्य बनाम स्वतंत्र इच्छा (Fate vs Free Will): नाटक यह सवाल उठाता है कि क्या मैकबेथ का पतन भाग्य का परिणाम था या उसके अपने कार्यों का।
4. अपराधबोध (Guilt): लेडी मैकबेथ और मैकबेथ, दोनों अपने अपराधों के बोझ तले दब जाते हैं।
अन्य लेखकों की समालोचना (Critical Analysis by Other Writers)
1. सैमुअल जॉनसन: जॉनसन ने मैकबेथ को "मनोवैज्ञानिक त्रासदी" कहा है, जिसमें मुख्य पात्र का मानसिक संघर्ष दिखाया गया है।
2. टी.एस. इलियट: इलियट का मानना था कि नाटक में लेडी मैकबेथ का पतन उसकी दिमागी कमजोरी को दर्शाता है।
3. एच.एन. हडसन: हडसन ने कहा कि मैकबेथ सत्ता की लालसा और नैतिकता के बीच के संघर्ष को बखूबी दिखाता है।
4. ए.सी. ब्रैडली: ब्रैडली के अनुसार, मैकबेथ एक त्रासदी है जो "मनुष्य के महान और छोटे गुणों" को उजागर करती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मैकबेथ एक कालातीत नाटक है जो दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि नैतिक पतन और महत्वाकांक्षा किस तरह विनाशकारी हो सकते हैं। यह नाटक न केवल शेक्सपियर की उत्कृष्ट रचना है बल्कि मानव स्वभाव की जटिलताओं को भी उजागर करता है।

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